मंत्री ने कहा कि फिलहाल मलबार देवस्वम बोर्ड के पास कोई अधिकार नहीं हैं और उसके कामकाज का संचालन ट्रस्टी करते हैं। कानून बनाकर बोर्ड को पूर्ण अधिकार दिए जा सकते हैं, जिससे यह स्थिति बदली जा सकती है।

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स्रोत: The Hindu