‘जब कोई सदस्य कुछ ही हफ्तों में, किसी ठोस कारण के बिना, पाला बदलने के लिए उस जनादेश को छोड़ देता है, तो वह केवल एक सीट नहीं छोड़ता। वह उस भरोसे को तोड़ता है, जिस पर प्रतिनिधिक लोकतंत्र टिका है।’

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स्रोत: The Hindu