यह मौखिक टिप्पणी उस सुनवाई के दौरान आई, जिसमें अदालत ने महाराष्ट्र एसआईआर में मतदाताओं के नाम हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर 5 नवंबर को तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई।

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स्रोत: The Hindu