जब आप नेता संजय सिंह ने सीईसी ज्ञानेश कुमार से पूछा कि यू.पी. विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में ‘रामहित यादव’ कैसे ‘राम ने यादव को मारा’ बन गया, तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वीकार किया कि उनके जवाब ‘आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार’ जैसे नहीं थे।
पूरी ख़बर पढ़ें — The Hindu →स्रोत: The Hindu


