एनसीपीए ने कहा कि राष्ट्रपति को अपनी “गरिमामय नैतिक सत्ता” का प्रयोग करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ईपीएफओ को 18 जनवरी, 2025 के ईपीएफओ परिपत्र को तत्काल वापस लेने का निर्देश देना चाहिए

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स्रोत: The Hindu