पुलिस का कहना है कि 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रस्तावित मॉक महाभियोग के लिए कोई अलग अनुरोध नहीं मिला। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली को सीसीटीवी निगरानी और स्थल के बाहर मार्च पर रोक समेत कई शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है।

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स्रोत: The Hindu