सलूम्बर में निःशुल्क हिजामा शिविर, 480 मरीजों को मिला इलाज: 121 का हिजामा पद्धति से उपचार, 359 को दी गईं जर... Dainik Bhaskar
पूरी ख़बर पढ़ें — Dainik Bhaskar →स्रोत: Dainik Bhaskar
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झारखंड में बहने वाली स्वर्णरेखा नदी में सोने के कण तलाशने के लिए कई गांवों के लोग दिनभर कड़ी मेहनत करते हैं. नदी की रेत छानकर सोने के छोटे-छोटे कण निकालना उनकी रोजी-रोटी का जरिया है. लेकिन इस मेहनत के बावजूद कमाई तय नहीं है और लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
देश
विशेष शिविर में रखे गए इन उग्रवादियों, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं, ने टिप्पू महल के एक बाथरूम से खाई तक सुरंग खोद ली थी। वे अलग-अलग जत्थों में बाहर निकले। इस दुस्साहसिक फरारी ने सनसनी फैला दी, क्योंकि शिविर की सुरक्षा के लिए पांच वॉचटावर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की दो कंपनियां तैनात थीं, जो तमिलनाडु पुलिस की सहायता कर रही थीं।

यह निरीक्षण दिसंबर 2015 की विनाशकारी बाढ़ की पृष्ठभूमि में किया गया।