अयूब ख़ान ने अपनी डायरी में लिखा था कि भारत से कुछ दस्तावेज़ उनके हाथ लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि भुट्टो 1958 तक ख़ुद को भारतीय नागरिक बताते रहे थे और कहते रहे थे कि वह कराची में महज़ अस्थायी तौर पर रह रहे हैं.

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स्रोत: BBC हिंदी