मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए में प्रावधान है कि यदि कोई अपराध किसी किशोर द्वारा किया गया है, तो मोटर वाहन का अभिभावक या मालिक दोषी माना जाएगा और उसके खिलाफ उसी अनुसार कार्रवाई कर दंडित किया जाएगा।

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स्रोत: The Hindu