इतिहासकार का कहना है कि यदि अभिलेखों जैसे भौतिक साक्ष्यों पर अधिक ध्यान दिया गया होता, तो भारतीय इतिहास की व्याख्या अलग हो सकती थी

पूरी ख़बर पढ़ें — The Hindu →

स्रोत: The Hindu